जट सत्र 2026 में संसद में भारी हंगामा
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान लोकसभा में आज जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी ने उठाए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल
लोकसभा में राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस किताब में भारत-चीन संबंधों से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं, जिन पर सरकार को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
हालांकि जैसे ही राहुल गांधी ने यह मुद्दा उठाया, सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे सदन में जोरदार हंगामा हो गया।
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स्पीकर ओम बिरला की भूमिका पर विपक्ष का हमला
संसद में बढ़ते विवाद के बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा।
विपक्षी सांसदों ने स्पीकर से निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील बना नया विवाद
विपक्ष ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी सरकार को घेरा। विपक्ष का कहना है कि इस समझौते का असर देश के किसानों और छोटे उद्योगों पर पड़ सकता है।
विपक्ष ने मांग की कि सरकार इस समझौते की पूरी जानकारी संसद में पेश करे और इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
सदन में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन
विवाद बढ़ने के बाद विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। पोस्टर दिखाकर विरोध दर्ज कराया गया, जिससे सदन का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
पूरे दिन चला गतिरोध
स्पीकर द्वारा कई बार सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन सकी। अंततः पूरे दिन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और आर्थिक फैसले लंबित हैं, जिन पर चर्चा होना बाकी है।
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