भारत में तेजी से बढ़ते डीपफेक वीडियो, फेक न्यूज और AI-जनरेटेड कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने आईटी नियमों में बड़ा संशोधन किया है। IT Rules Amendment 2026 के तहत सोशल मीडिया कंपनियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन इंटरमीडियरी पर कड़ी जिम्मेदारी तय की गई है। नए नियमों के अनुसार अब कंपनियों को आपत्तिजनक, अवैध या भ्रामक कंटेंट को 3 घंटे और कुछ संवेदनशील मामलों में 2 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण गलत सूचना और फर्जी पहचान का खतरा बढ़ रहा है, जिससे समाज और लोकतंत्र प्रभावित हो सकता है। इसीलिए यह संशोधन डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
IT Rules Amendment 2026 क्या है
IT Rules Amendment 2026, Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में किया गया संशोधन है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI से बने कंटेंट, डीपफेक वीडियो और फर्जी जानकारी पर नियंत्रण स्थापित करना है।
नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया कंटेंट पारदर्शी, सुरक्षित और सत्यापित हो। साथ ही कंपनियों को ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित करने होंगे जो AI से बने कंटेंट की पहचान कर सकें।
सरकार ने पहली बार Synthetically Generated Information (SGI) की स्पष्ट परिभाषा तय की है, जिससे AI से बने ऑडियो, वीडियो और तस्वीरों को कानूनी रूप से नियंत्रित किया जा सके।
3 घंटे का नियम: अवैध कंटेंट हटाने की नई समय सीमा
IT Rules Amendment 2026 का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 3 घंटे का टेकेडाउन नियम है। इस नियम के अनुसार यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध, भ्रामक या डीपफेक कंटेंट पाया जाता है, तो उसे केवल 3 घंटे के अंदर हटाना अनिवार्य होगा।
3 घंटे नियम की प्रमुख विशेषताएँ
- सोशल मीडिया कंपनियों को सरकार या अदालत के आदेश मिलने के बाद 3 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा।
- यदि कोई यूजर या सरकारी एजेंसी कंटेंट की शिकायत करती है तो प्लेटफॉर्म को तुरंत जांच करनी होगी।
- पहले यह समय सीमा 24 से 36 घंटे तक थी, जिसे अब काफी कम कर दिया गया है।
- कंपनियों को कंटेंट मॉनिटरिंग के लिए AI आधारित तकनीक का उपयोग करना होगा।
- नियम का उल्लंघन करने पर प्लेटफॉर्म पर कानूनी कार्रवाई या दंड लगाया जा सकता है।
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यह नियम खास तौर पर चुनाव, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक शांति से जुड़े मामलों में गलत सूचना फैलने से रोकने के लिए लागू किया गया है।
2 घंटे का नियम: संवेदनशील और निजी कंटेंट पर सख्ती
सरकार ने महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2 घंटे का विशेष नियम लागू किया है।
2 घंटे नियम की मुख्य बातें
- बिना अनुमति के निजी फोटो या वीडियो पोस्ट होने पर उसे 2 घंटे के भीतर हटाना होगा।
- अश्लील डीपफेक या मॉर्फ्ड तस्वीरों पर तुरंत कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।
- पीड़ित व्यक्ति की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी होगी।
- पहले ऐसे मामलों में कंटेंट हटाने के लिए 24 घंटे तक का समय दिया जाता था।
यह नियम साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
AI और SGI (Synthetically Generated Information) पर नए नियम
IT Rules Amendment 2026 में पहली बार AI-जनरेटेड कंटेंट के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने ऐसे कंटेंट को SGI श्रेणी में रखा है जो AI या कंप्यूटर तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया हो और वास्तविक प्रतीत हो।
AI कंटेंट से जुड़े नए प्रावधान
- AI से बने वीडियो, फोटो या ऑडियो पर लेबल लगाना अनिवार्य होगा।
- कंटेंट में डिजिटल पहचान चिन्ह या मेटाडेटा जोड़ना जरूरी होगा।
- यूजर्स को यह बताना होगा कि कंटेंट AI से बनाया गया है या नहीं।
- लेबल या पहचान चिन्ह हटाना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
- सोशल मीडिया कंपनियों को AI कंटेंट की पहचान के लिए तकनीकी सिस्टम विकसित करना होगा।
इन नियमों का उद्देश्य यूजर्स को यह जानकारी देना है कि कौन सा कंटेंट वास्तविक है और कौन सा AI द्वारा बनाया गया है।
किन मामलों में AI लेबल जरूरी नहीं होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर AI उपयोग को SGI नहीं माना जाएगा। कुछ मामलों में AI लेबल की आवश्यकता नहीं होगी।
AI लेबल से छूट मिलने वाले मामले
- शिक्षा और प्रशिक्षण के उद्देश्य से AI का उपयोग
- वीडियो या ऑडियो की गुणवत्ता सुधारना
- भाषा अनुवाद और सबटाइटल बनाना
- सामान्य एडिटिंग या डिजाइनिंग
हालांकि यदि AI का उपयोग भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए किया जाता है तो उस पर नियम लागू होंगे।
IT Rules Amendment 2026 का महत्व
यह संशोधन भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रमुख महत्व
- डीपफेक और फेक न्यूज पर नियंत्रण
- सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाना
- डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता को मजबूत करना
- चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाना
- यूजर्स को सही और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा।
सोशल मीडिया कंपनियों पर प्रभाव
नए नियम लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव करने होंगे।
कंपनियों के सामने प्रमुख चुनौतियाँ
- AI कंटेंट पहचानने के लिए नई तकनीक विकसित करना
- कम समय में शिकायतों का समाधान करना
- कंटेंट मॉडरेशन टीम को मजबूत बनाना
- कानूनी जिम्मेदारी और जुर्माने से बचना
कई टेक कंपनियों का मानना है कि इतनी कम समय सीमा में कंटेंट हटाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा
IT Rules Amendment 2026 का असर आम सोशल मीडिया यूजर्स पर भी पड़ेगा।
यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण बातें
- AI कंटेंट पोस्ट करते समय जानकारी देना जरूरी होगा।
- फर्जी वीडियो या फोटो शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- निजी फोटो या वीडियो के दुरुपयोग पर तुरंत शिकायत करने का अधिकार मिलेगा।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार का दृष्टिकोण
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में गलत सूचना और डीपफेक कंटेंट राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकते हैं।
IT Rules Amendment 2026 का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार बनाना और नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
IT Rules Amendment 2026 भारत में डिजिटल कंटेंट नियंत्रण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। 3 घंटे और 2 घंटे का सख्त नियम डीपफेक, फेक न्यूज और साइबर अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हालांकि इस नियम को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों, सरकार और यूजर्स तीनों को मिलकर काम करना होगा। आने वाले समय में यह संशोधन भारत के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।