राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को घना कोहरा लगातार दूसरे दिन छाया
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को लगातार दूसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। राजधानी के भीतरी इलाकों जैसे आईटीओ और कर्तव्य पथ में खासकर सुबह के समय बहुत ही घने कोहरे के विजुअल्स देखने को मिले। चलते-फिरते वाहन चालक और आम लोग दोनों ही कोहरे से प्रभावित दिखे और दृश्यता (visibility) काफी कम दर्ज की गई।
कोहरे के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएँ भी बढ़ीं और दिल्ली-NCR में मौसम की स्थिति सामान्य से अलग तथा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
कोहरा और सर्दी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
दिल्ली में सुबह-शाम और रात के समय कोहरा इतना घना रहा कि कई इलाकों में दृश्यता लगभग 100 मीटर से कम हो गई। इस वजह से:
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सड़क परिवहन पर असर हुआ
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वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा
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कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी
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स्कूल-ऑफिस जाने वाले लोग सामान्य से पहले या सावधान तरीके से निकलते दिखे
घने कोहरे से न केवल सड़कों पर बल्कि हवा में नमी का स्तर बढ़ने से ठंड का अनुभव और कड़ा हो गया है।
दिल्ली में बारिश का असर — क्या होना है?
दिल्ली में फिलहाल भारी बारिश या मजबूर रूप से बारिश के बादल नहीं दिख रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल तो बने हुए हैं, परन्तु फिलहाल राजधानी में व्यापक बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
लेकिन कोहरे और बादलों की मौजूदगी ऐसी है कि शहरी इलाकों में दिन के समय भी धूप पूरी तरह नहीं निकल पा रही है, जिससे तापमान अपेक्षित से कम बना हुआ है।
तापमान में गिरावट — ठंड का बढ़ता प्रभाव
दिल्ली में पिछले दो दिनों से तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह का तापमान रात के समय विशेष रूप से 7–9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा और दिन का अधिकतम तापमान 19–21 डिग्री के करीब ही रहा।
तापमान में यह गिरावट:
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सर्दी को और बढ़ा रही है
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लोगों को गरम कपड़ों, शॉल, जैकेट और ब्लैंकेट की आवश्यकता बढ़ा रही है
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घरों और कार्यस्थलों में अलाव तथा हीटरों का इस्तेमाल व्यापक रूप से हो रहा है
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव — मौसम में अस्थिरता
दिल्ली समेत उत्तरी भारत में मौसम का बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण हो रहा है। यह मौसम प्रणाली समय-समय पर उत्तर भारत में प्रवेश करती है और उसके प्रभाव से:
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पहाड़ों में बर्फबारी होती है
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मैदानी इलाकों में बादल छाते हैं
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ठंडी हवाएँ फैलती हैं
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बारिश या ओलावृष्टि की संभावनाएँ बढ़ती हैं
इस बार भी पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली में कोहरा, बादल और सर्द हवा की स्थिति को बढ़ाया है और इससे मौसम अस्थिर बना हुआ है।
IMD का येलो अलर्ट: सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट का आशय है कि मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है और लोगों को सामान्य से अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
विशेष रूप से:
✔️ सुबह-शाम के समय
✔️ कोहरे के दौरान
✔ वाहन चलाते समय
लोगों को अतिरिक्त सावधानी अपनाने की सलाह दी गई है।
कोहरा-ठंड से यातायात और जनजीवन प्रभावित
कोहरे और ठंड के कारण लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में भी मुश्किलें आ रही हैं:
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सुरक्षित ड्राइविंग के लिए धीमी गति
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सार्वजनिक परिवहन पर अतिरिक्त समय
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उच्च व्यस्त ट्रैफिक की स्थिति
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सुबह-शाम की यात्राएँ अधिक चुनौतिपूर्ण
अनेक लोग सार्वजनिक स्थानों पर कोहरे की वजह से चेहरे पर घना धुंधला दृश्य अनुभव कर रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान
दिल्ली के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार:
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अगले 24–48 घंटों तक कोहरा और ठंड का असर जारी रहने की संभावना है
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बारिश की परिस्थितियाँ वातावरण में अनिश्चित हैं
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तापमान में अचानक उछाल की संभावना कम है
ये परिस्थितियाँ संकेत देती हैं कि दिल्ली का मौसम अभी स्थिर नहीं हुआ है और आम लोगों को सावधान रहना चाहिए।
लोगों के दिन-प्रतिदिन के जीवन पर असर
दिल्ली के मौसम ने लोगों के दैनिक जीवन को काफी प्रभावित किया है:
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स्कूल-ऑफिस के समय बाहर निकलना मुश्किल हुआ
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बुजुर्ग, बच्चे और नवजात बच्चों के लिए स्वास्थ्य जोखिम
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सर्दी-जुखाम जैसी स्थिति में वृद्धि
लोगों ने गरम चाय, तेज गर्म कपड़ों और आलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है और प्रशासन द्वारा भी मौसम संबंधी सलाह जारी की जा रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली में बारिश नहीं लेकिन घना कोहरा और सर्दी का असर जारी है। 3 फरवरी की सुबह आईटीओ और कर्तव्य पथ जैसे इलाकों में कोहरे के दृश्य ने मौसम की गंभीरता को उजागर किया है। पश्चिमी विक्षोभ, येलो अलर्ट, तापमान में गिरावट और कोहरे की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फिलहाल दिल्ली का मौसम स्थिर नहीं है।